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Interview with Amandeep Thind International Public Speaker

आपके सामने हमेशा दो choice होती है लाइफ में,या तो आप मान लो यही आपकी Reality है या फिर कहते हैं कर्म योगी अपने कर्म से अपने कर्म को बदल सकता है। – Amandeep Thind

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आप कहते हो नहीं मुझे यह बदलना है मुझे जो यह रियलिटी है पसंद नहीं है और मैं नहीं चाहता कि मेरे बच्चे ऐसी मुश्किलों में पैदा हो और उनको इतनी तकलीफें झेलनी पड़े।

तो I think मैं यही कहना चाहूँगा कि मेरे अंदर भूख बहुत ज्यादा थी और मेरी दूसरी Quality यह है कि मैं सीखने के लिए हमेशा तत्पर रहता हूं।

आज आपकी उड़ान के साथ interview के लिए अमनदीप थिंड सर है,आपकी उड़ान अमनदीप थिंड सर का तह दिल से स्वागत करता है।

आपकी उड़ान एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जो लोगों को उनके सपने पूरे करने के लिए प्रेरणा देता है।

Amandeep Thind एक International Public speaker, trainer और Coach है, जो 20 से अधिक देशों में बड़ी तौर पर workshops कर चुके है। साथ ही 1000 हजार से अधिक की संख्या में workshops कर चुके है और लोगों को एक coach के रूप में training भी देते है। एक स्पीकर के रूप में इन्हे विश्व-विख्यात के रूप में जाना जाता है।

आज अमनदीप थिंड सर के साथ प्रेरणादायक सवाल जवाब का सिलसिला चलता रहेगा, जिसमें आप इनकी Journey के बारे में जानेंगे, और public speaking से जुड़े कई myth दूर होंगे, साथ ही आपको इनसे बहुत कुछ सीखने को मिलेगा, आप इंटरव्यू के अंत तक जुड़े रहना।

About Amandeep Thind

Amandeep Thind एक इंटरनेशनल पब्लिक स्पीकर, ट्रेनर और कोच है। इनका जन्म कोलकाता (भारत) में हुआ था। शुरुआती जीवन इनका काफी चुनौती पूर्ण रहा है इसके साथ ही घर की आर्थिक स्थिति भी ठीक नही थी। पिता इनके एक खलासी के रूप में काम करते थे तो वही माता इनकी गृहिणी थी।

अपने दिन-रात की मेहनत के दम पर अमनदीप ठिंद ने आज दुनियाभर में अपना और भारत का नाम रौशन किए है और आज यह इस मुकाम पर पहुँच चूकें है कि हर शक्स इनसे प्राचीन है। इनका जीवन के बारें में विस्तार से Amandeep Thind के साथ जानते है।

Interview with Amandeep Thind

Aapki Udaan: – सर आप हमारी audience को अपने बारें में एक छोटा सा introductions दे दी जिये।

Amandeep Thind: – मेरा नाम Amandeep Thind है और मैं बहुत ही खुश नसीब हूँ कि मैं तक़रीबन 600-700 से अधिक workshops कर चुका हूँ। 20 से अधिक countries में और 3 countenance speaking कर चुका हूँ और मुझे यह काम करते हुये 12 साल से भी अधिक हो चुके है।

इसके साथ हमने कुछ बड़े नामों को represent किया है, जैसे :- Tony Robbins, T. Harv Eker, Clinton Swaine, Robert Kiyosaki, Blair Singer, Les Brown और Ashish Vidyarthi के साथ भी हमने stage share किया हुआ है, so मुझे मजा आता है पढ़ाने में, सीखने में और बस आप लोगों के साथ हूँ।

Aapki Udaan: – सर आप इतने अधिक successful है तो क्या आप हमें बताएँगे कि आपकी journey की शुरुआत कैसे हुई?

Amandeep Thind: – मेरी journey इस तरह से स्टार्ट हुई कि मैं जो बन सकूँ और आज जो मैं हूँ। तो मेरी journey जो है एक कमरे की मकान में शुरू हुई थी कलकत्ता में और मेरे पापा Kolkata के एक airport पर टैक्सी चलाते थे और वह उसमें एक खलासी(Driver) के रूप में काम करते थे।

मेरे जो parents है वह अन पढ़ है, जो पढ़-लिख नही सकते है और मेरी मम्मी जो है वो बेंगोली है। मुझे अपनी शुरुआती दिनों में ऐसा लगता था कि मैं कमजोर हूँ, मै कुछ नही कर सकता हूँ, क्योंकि हमारे परिवार के कुछ ऐसे हालात थे।

Financial condition ठीक नही थी जिससे हमारे घर में किसी तरह का फर्नीचर भी नही था और किचेन की जगह शेड था, जहाँ हमारी मम्मी कुक करती थी। जिससे बारिशों के मौसम में बहुत दिक्कत हुआ करती थी और हमारा एक गद्दा होता था, जिसमें हम चारों लोग मै, पापा, मम्मी और मेरी बहन सोते थे।

तो वहाँ से हमारी journey की शुरुआत हुई, जिसमें challenges बहुत थे। उसके बाद हमने 16 साल की उम्र में पंजाब के गाँव में गया और वहाँ से दिल्ली पढ़ाई करने आया, फिर मैंने जॉब किया उसके बाद लंदन से मुझे एक scholarship के रूप में एक नई opportunities मिली और मैं 14 सालों से लंदन में ही रहता हूं।

Aapki Udaan: – सर जैसा की आपने बताया की आपकी journey एक कमरे से शुरू हुई थी, लेकिन सर आज आप एक International speaker है और आपके बारें में बहुत लोग जानते थे, फिर यह सब कैसे chang हुआ?

Amandeep Thind: – I think हमारे अंदर एक बूक होती है हमारे हालात, हमें एक फैसला लेने के लिए शायद रास्ता दिखाते है। हमारे life में हमेशा दो choices होते है या तो आप यह मान लो कि यही आपकी reality है या फिर कर्मयोगी काम करके अपने कर्म को बदल सकता है।

आप कहते हो कि मुझे ये बदलना है और मेरा जो यह reality है वो मुझे पसंद नही है और मैं नही चाहता कि मेरे बच्चे ऐसे मुश्किलों में पैदा हो और उनको इतनी तकलीफ़े झेलनी पड़े। I think मैं यह कहना चाहूँगा कि मेरे अंदर book बहुत ज्यादा थी और मेरी quality है कि मैं सीखने के लिए ज्यादा तत्पर रहता हूँ।

आज भी मुझे लग जाये कि आपके अंदर कुछ ऐसा skill है जो मुझे नही पता है और वह मुझे सीखा सकती है तो मैं आपको अपना गुरु मानने के लिए तैयार हूँ। मुझे कोई ego नही है और मेरी passion इससे अलग है। मुझे कुछ नही पता है और मुझे वो पता चल जाये तो मुझे लगता है इससे मेरी लाइफ Next लेवल पर जा सकती है।

Aapki Udaan: – सर जैसे बचपन में स्टूडेंट के ऊपर एक pressure होता है कि इंजीनियर, डॉक्टर, सीए बनना है, तो क्या सर आपके लाइफ में भी कुछ ऐसा था?

Amandeep Thind: – ज़्यादातर स्टूडेंट्स को इसी दौर से गुजरना पड़ता है, अगर आप इंडियन है तो 99% chances है कि आपके साथ भी कुछ ऐसा हुआ होगा और अभी भी काफी हद तक हो रहा है, लेकिन कुछ कम हुआ है और शायद कम होता चला जाएगा, क्योंकि हम information age में और आगे बढ़ते चले जा रहे है।

मेरी बात करते है तो मेरे साथ भी ऐसा pressure था, कहते है ना कि आपका कैरियर आपके लिए चुना जाता है। आपसे सब लोग पूछते है कि आपको क्या करना है माँ-बाप तो अन पढ़ थे तो सब कहते थे कि इंजीनियर, या डॉक्टर में डाल दो या फिर इसे सीए बना दो।

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मैं none-medical किया जिसमें मैं फ़ेल हो गया था जैसे-तैसे करके 10+2 क्लियर किया। और उसके बाद graduation किया इसके साथ हमने कई तरह के प्रतियोगी परीक्षा जैसे CET इत्यादि दिया, जिसमें मैं फ़ेल हो गया।

इंजीनियर की तैयारी करते वक्त मुझे बहुत कठिनाइयाँ होने लगी थी और मैं अब्बा को कहता था कि अगर मैं इंजीनियर बन भी गया ना तो मैं बहुत खराब इंजीनियर बनूँगा, क्योंकि मेरे अंदर इसके लिए कोई रुचि नही थी और मैं चाहता था लोगों के बीच रहूँ, उनसे कुछ सीखूँ और खुद भी कुछ सीखूँ। मेरा दिमाग को लोगों की कहानियों को तलाशने में मजा आता है। तो यही मैं फूल टाइम करता हूँ।

मेरे ऊपर कैरियर का pressure भी बहुत था, लेकिन उसका advantage भी था मेरे पास कि मेरे parents अनपढ़ थे और उनको रिपोर्ट कार्ड पढ़ना नही आता था बस वो चाहते थे कि मैं पढ़-लिख जाऊँ और graduation करके 20000-250000 salary वाली जॉब कर लूँ, जिससे मैं दुनिया की नज़र में सबसे सफल व्यक्ति बन जाऊँगा।

मेरे पापा चार-पाँच हजार रुपया ही कमा पाते थे और अगर मैं 20-25 हजार रुपया कमाना चालू कर दूंगा तो उनकी नज़र में दुनिया का सबसे रईस इंसान बन जाऊंगा । मुझे पैरेंट्स से अधिक pressure इस बात को लेकर नही था कि यह बनों-वह बनों, बस वो चाहते थे मैं कुछ बनूँ।

Aapki Udaan: – सर आपने public speaking का career कैसे शुरू किया और यह सब कैसे शुरू हुआ?

Amandeep Thind: – मैं खुदा, भगवान, अल्ला, लॉर्ड सभी तरह के भगवनों में बहुत believe करता हूँ। जब मैं कोलकाता से पंजाब आया तो मेरे लाइफ में बहुत बड़ा changes आया। actually मेरे घर पर एक चिट्ठी आई जो एक network marketing company की थी जो 1998 में launch हो रही थी।

उसमें मेरे बारें में बहुत ही अच्छी-अच्छी चीजें लिखी हुई थी ऐसा मुझे लगा, लेकिन बाद में पता चला यह marketing lines थीं। तो मैं वहाँ से Jalandhar (Punjab) गया और उस कंपनी में meeting attend किया। जहाँ मुझे personal development books के बारें में पता चला और मै उसे पढ़ना पसंद किया।

उसके बाद मुझे यह पता चला कि इससे कोई फर्क नही पड़ता है कि आप कहाँ पैदा हुये है, आपकी उम्र कितनी है, आपकी लंबाई कितनी है, कौन-सी भाषा बोलते है, कौन-सा स्किन कलर मेरा है इससे ज्यादा कुछ फर्क नही पड़ता मैं चाहूँ तो खुद को बदल सकता हूँ।

फिर वहाँ से जो पढ़ने-लिखने और समझने साथ ही सुधरने का जो मौका मिला वो आज तक बनी हुई है और मैं scholarship और अपनी कुछ पैसे के जरिये लंदन आया, जहाँ हमारी मुलाक़ात बड़ी-बड़ी हस्तियो से होने लगी और मैं सभी से बहुत कुछ सीखा और आज आप लोगों के सामने हूँ।

Aapki Udaan: – सर अभी के youth कैरियर को लेकर अधिक परेशान होते है और वह आत्महत्या करने तक की सोच लेते है, हमने सुना है आपके जीवन में भी कुछ ऐसी प्रस्थिति आई थी, तो आपने इसे छोड़ आगे बढ़ने का फैसला कैसे लिया?

Amandeep Thind: – इसके लिए मैं आपको एक कहानी सुनता हूँ जो इस प्रकार है: –

एक दादाजी थे, जो अपने पोते के साथ घूमने जाते थे और वह रोज अपने पोते को एक कहानी सुनाते थे, जिससे उसे एक lesson मिल सकें। एक दिन उन्होने उसे दो ऐसी भेड़ियों की कहानी सुना रहे थे जो हमेशा लड़ते रहते थे, तो पोते ने कहा दादाजी वो दोनों लड़ते है तो जीतता कौन है?

तो दादाजी ने कहा जिस पर आप ज्यादा ध्यान देते हो उसका care करते हो वो जीत जाता है। वो हमारे अंदर दोनों चीज होती है। बुराई-अच्छाई जिसे आप ज्यादा ध्यान देते हो वो आपके अंदर बस जाती है।

इसके साथ Personality development मेरे अंदर इतना अधिक हो गई थी कि मै इस काबिल बन चुका था कि खुद से सही फैसले ले सकूँ और हमने ऐसा ही किया और अच्छाई की रास्ते पर चलता चला गया। बहुत लोग मुझे यह सब नही करने का सुझाव देते थे जो सबके साथ साधारण-सी बात है।

इन सभी फिजूल की बातों को मैंने अलग कर अपने अंदर की आवाज़ को सुना और अपना वजूद खुद के अंदर ढूँढने लगा और मुझे ऐसा लगने लगा कि मैं कुछ कर सकता हूँ। मैंने अपने अंदर की बुराई को छोडकर अच्छाई को अधिक महसूस करना शुरू कर दिया।

जिसके अंदर आत्महत्या की ख्याल आते है और उनको लगता है कि वो कुछ कर नही सकते है तो वो अपनी करीबी दोस्त, माता-पिता इत्यादि से यह सब अवश्य साझा करें और अपने अंदर की अच्छाई और मन की आवाज़ को अधिक महसूस करना सीखें फिर देखें आप अपने जीवन में बहुत कुछ कर जाते है।

Aapki Udaan: – सर मैं और हमारी audience में भी बहुत ऐसे लोग होंगे जो यह चाहते है कि वह भी public speaking करें और अलग-अलग देशों में workshops करें तो यह कैसे possible होगा और इसे कैसे स्टार्ट कर सकते है?

Amandeep Thind: – देखिये public speaking एक कला है और हर कला को सीखी जा सकती है। आपको एक सही mental के साथ जुड़कर सीखना पड़ेगा और जो वो कह रहा है आपको उससे ऊपर करना पड़ेगा।

इसके साथ आपको एक journey पर जाना पड़ेगा, जिससे आपको अलग-अलग जगहों और लोगों के साथ वातावरण के बारें मे पता लग पाएगा। आपकी journey कुछ ऐसी होनी चाहिए जिसका समय निर्धारित ही नही हो।
इसके साथ रास्ते में आने वालें सभी बाधा को आपको खुद से दूर करना पड़ेगा, जिससे आपके अंदर संघर्षशक्ति अधिक आ जाएगी। बस मैं आपको इतना ही कहना चाहूँगा कि लाइफ की एक लंबी journey है जिसे आपको खुद तय करना होगा।

Aapki Udaan: – सर जैसा आपने पब्लिक स्पीकिंग के बारें में बताया, उसमें इंग्लिश आना कितना बड़ा रोल हो सकता है और अगर यह जरूरी है तो हम इसे कैसे इम्प्रूव कर सकते है?

Amandeep Thind: – देखिये अगर आप एक इंडियन या एशियन like पाकिस्तानी, बंगलादेशी, नेपाली इत्यादि देशों में रहते है तो यहाँ इंग्लिश एक भाषा नही है बल्कि यह एक skill है जो आपके पास होना ही चाहिए। अगर आप जर्मनी में जाएंगे तो वहाँ के लोग ऐसा नही सोचते कि इंग्लिश नही आती तो कुछ भी नही आता, बल्कि वो अपनी भाषा में अधिक बोलना पसंद करते है। ऐसा नही है कि उनको इंग्लिश नही आती है, लेकिन वह इससे अधिक अपनी मातृ भाषा को महत्व देते है। बल्कि इंडिया में ठीक इसका उल्टा होता है। मैं ऐसा मानता हूँ

जहाँ इंग्लिश को एक skill के रूप में पेश किया जाता है और बड़े-बड़े मंच पर जाने की बात होती है तो सभी को इंग्लिश का ज्ञान होना बहुत ही आवश्यक है।

Aapki Udaan: – सर आपने अपना इंग्लिश को कैसे इम्प्रूव किया?

Amandeep Thind: – देखिये फिर से वही बात आ गई, बस करते-करते हो गई। जिस तरह से गायक गाते-गाते बन ही जाता है उसी तरह मैं भी जहाँ जाता खुद से इंग्लिश में बात करता जिससे मुझे काफी मदद मिली। लोगों के साथ इंग्लिश में धीरे-धीरे बातें करना शुरू किया बस किताब की मदद से सीखना प्रारम्भ किया।

आपको उन लोगों के साथ अधिक समय व्यतीत करना चाहिए जो इंग्लिश जानते है और बोलते भी है, क्योंकि आप जैसा environmental में रहते है आप उसी तरह ढल जाते है तो आपको ये चीज अवश्य करनी चाहिए।

Aapki Udaan: – सर अगर हम और हमारें audience आपका कोर्स करना चाहे तो वह कैसे कर सकते है?

Amandeep Thind: – हमारी कोर्स करने से पहले आपको यह decide करना होगा कि आपको करना क्या है आप हमारी कोर्स से संबन्धित क्षेत्र में अपना कैरियर बनाना चाहते है तो आप इसे जॉइन कर सकते है।

हमारी कोर्स करने के लिए आप हमारी AmanDeepThind website, Instagram, email और direct calling कर सकते है। जहाँ पर हमारी टीम आपसे संपर्क कर अधिक जानकारी आपको बता देगी।

Aapki Udan: – सर अब आपके आगे का plans क्या है और आप अपनी लाइफ में अब क्या करना चाहते है?

Amandeep Thind: – आगे का मेरा desire यह है कि जाने से पहले कम से कम 1 करोड़ teachers trainers पैदा करके जाएँ इस दुनिया में यही मेरा लाइफ का सबसे बड़ा और अंतिम मिशन है। एक टीचर पूरा जेनेरेशन बदल सकता है इसलिए मैं इफेक्टिव टीचर अधिक बढ़ाना चाहता हूँ। वो टीचर बनाना है जो स्टूडेंट्स को समझ सकें और उसे एक लंबी journey पर ले जा सकें।

Aapki Udan: – सर अंतिम सवाल, हमारे audience के लिए क्या message देना चाहेंगे आप?

Amandeep Thind: – अपने जीवन को सफल और खुद को विख्यात करने के लिए आपको किसी ऐसे व्यक्ति को अपना गुरु बनाना होगा, जो आपको बहुत कुछ सीखा सकते है। आपमें सीखने और पढ़ने की लग्न खतम नही होना चाहिए।

आपके अंदर की आवाज़ जो करने को कहती है उसे दूसरों के साथ साझा करो और इस पर सलाह जरूर लें। बस बुराई को छोडकर आपको अच्छाई की सुनना है और उसके रास्ते पर आपको चल पाना है। आप देखेंगे कि आप पहले से अधिक improved खुद को कर लेते है और यही सफलता का सीढ़ी है।

अंतिम शब्द

इस इंटरव्यू में आपने Interview with Amandeep Thind के बारें में जाना। आपको अपने लाइफ में आगे बढ़ने के लिए इनसे प्रेरणा अवश्य मिली होगी। हमेशा याद रखें जीवन में कुछ अच्छा और बड़ा करने के लिए आपको स्वयं आगे आना होगा औरो अपनी journey खुद से तय करनी होगी । जैसी आप मेहनत होगी वैसा ही आपकी जीवन कहानी भी होगी।

आपको लगता है कि इसे दूसरे के साथ भी Share करना चाहिए तो इसे Social Media पर सबके साथ इसे Share अवश्य करें। शुरू से अंत तक इस Interview से जुड़े रहने के लिए आप सभी का तहेदिल से शुक्रिया…

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